
सीधी। हिंदी और अंग्रेजी नामो से एक साथ काम कराए जाने की श्रृंखला में प्रताप सिंह पिता जयभान सिंह निवासी ग्राम देवार्थ नौढिया के नाम का भी दो बार प्रयोग किया गया और दोनों को एक साथ काम पर लगाया गया।
आदिवासी बाहुल्य विकासखंड क्षेत्र कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत कोडार मैं फर्जी लोगों से मजदूरी करने के कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15-007-032-002/34 28 फरवरी 2006 को प्रताप पिता जयभान के नाम पर बनाया गया है। इस जॉब कार्ड में प्रताप उम्र 32 वर्ष , कुसुमकली उम्र 30 वर्ष , उमा उम्र 18 वर्ष , जगदीश उम्र 20 वर्ष शामिल है जिनका सभी का बैंक खाता यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में होना दर्ज है। वहीं इसी जॉब कार्ड में दो नाम अंग्रेजी में दर्ज हैं पहला Pratap उम्र 30 वर्ष और दूसरा Kusum उम्र 25 वर्ष इन दोनों का बैंक खाता फिनो पेमेंट्स बैंक में होना लिखा गया है। मजेदार बात तो यह है कि प्रताप, Kusum और Pratap तीनों को 20 मई 2022 से 26 मई 2022 तक स्टाप डैम निर्माण नौढिया में काम करना बताया गया है। अब ये कितना सही है और कितना गलत है यह तो अंधे और बहरे लोग ही जाने। बहरहाल रोजगार सहायक रजनीश द्विवेदी के फर्जीवाडे को लेकर अभी तक दर्जनों खुलासे हो चुके हैं जो इस बात की गवाही दे रहे हैं हैं कि रोजगार सहायक ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर किस तरह करोड़ों की लूट को अंजाम दिया है।










